आईटीएस कॉलेज ऑफ फार्मेसी में ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और आधुनिक तकनीकों की भूमिका पर विशेषज्ञों ने किया मार्गदर्शन
स्मार्ट विजन समाचार
गाजियाबाद। आईटीएस कॉलेज ऑफ फार्मेसी (दिल्ली-एनसीआर) में बी.फार्म के 23वें बैच और एम.फार्म के 22वें बैच (फार्मास्यूटिक्स एवं फार्माकोलॉजी) के नवप्रवेशी विद्यार्थियों के लिए ‘ओरिएंटेशन प्रोग्राम-2026’ का आयोजन आर. अहमद हॉल में किया गया। कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को फार्मेसी के क्षेत्र में करियर की संभावनाओं, शोध, उच्च शिक्षा और आधुनिक तकनीकों के महत्व से परिचित कराया।
कार्यक्रम का शुभारंभ आईटीएस-दी एजुकेशन ग्रुप के चेयरमैन डॉ. आर.पी. चड्ढा, वाइस चेयरमैन अर्पित चड्ढा, जनसंपर्क निदेशक सुरेंद्र सूद, विशिष्ट अतिथियों डॉ. जय प्रकाश, डॉ. सोकिंद्र कुमार, डॉ. पुनीत गुप्ता और संस्थान के निदेशक डॉ. एस. सदीश कुमार ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इसके बाद सरस्वती वंदना प्रस्तुत की गई।

शोध और नई तकनीकों से जुड़ने का किया आह्वान
विशिष्ट अतिथि डॉ. जय प्रकाश, वरिष्ठ प्रधान वैज्ञानिक अधिकारी, पीवीपीआई एवं भारतीय फार्माकोपिया आयोग (आईपीसी), गाजियाबाद के पूर्व वैज्ञानिक निदेशक ने विद्यार्थियों को फार्मेसी के क्षेत्र में प्रवेश करने पर शुभकामनाएं दीं। उन्होंने भारतीय फार्मेसी परिषद (पीसीआई) के नए पाठ्यक्रम के महत्व और विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास में शिक्षकों की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने विशेष रूप से एम.फार्म के विद्यार्थियों को साहित्य समीक्षा, शोध कार्य और शोध पत्रों के प्रकाशन के लिए प्रेरित किया।
सुभारती विश्वविद्यालय, मेरठ के डीन एवं फैकल्टी ऑफ फार्मेसी के सदस्य डॉ. सोकिंद्र कुमार ने औषधि विज्ञान की मूलभूत अवधारणाओं को समझाया। उन्होंने औषधियों के महत्व और फार्मेसी के व्यापक कार्यक्षेत्र की जानकारी देते हुए बताया कि औषधि निर्माण, अनुसंधान एवं विकास, गुणवत्ता नियंत्रण, नैदानिक अनुसंधान और स्वास्थ्य सेवाओं में करियर के अनेक अवसर उपलब्ध हैं।
औषधि खोज में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की भूमिका बताई
अमिटी विश्वविद्यालय के ड्रग डिस्कवरी एंड डेवलपमेंट क्लस्टर के मुख्य समन्वयक डॉ. पुनीत गुप्ता ने विशेषज्ञ व्याख्यान में अपने शैक्षणिक एवं व्यावसायिक अनुभव साझा किए। उन्होंने विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा, अनुसंधान और अंतरराष्ट्रीय अवसरों की जानकारी दी। साथ ही कृत्रिम बुद्धिमत्ता, जैव-सूचना विज्ञान और आधुनिक तकनीकों का ज्ञान हासिल करने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने ‘औषधि खोज एवं विकास में कृत्रिम बुद्धिमत्ता: विचारों को बेहतर औषधियों में बदलना’ विषय पर व्याख्यान दिया। विद्यार्थियों ने व्याख्यान में उत्साहपूर्वक भाग लिया और प्रश्नोत्तर सत्र में अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया।
विद्यार्थियों की सफलता को बताया संस्थान की सफलता
आईटीएस-दी एजुकेशन ग्रुप के वाइस चेयरमैन अर्पित चड्ढा ने अतिथियों, शिक्षकों और नवप्रवेशी विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए विद्यार्थियों को संस्थान का हिस्सा बनने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि संस्थान के साथ विद्यार्थियों का संबंध केवल शिक्षा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जीवनभर बना रहेगा। उन्होंने कहा, “आपकी सफलता ही हमारी सफलता है।”
जनसंपर्क निदेशक सुरेंद्र सूद ने विद्यार्थियों को प्रतिदिन कम से कम एक नई बात सीखने का संकल्प लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि यदि विद्यार्थी प्रतिदिन कुछ नया सीखते हैं, तो एक वर्ष में 365 नई बातें सीख सकते हैं। वर्ष के प्रत्येक दिन को नया अवसर बताते हुए उन्होंने विद्यार्थियों से अपने ज्ञान और कौशल को विकसित कर योग्य फार्मासिस्ट बनने का आह्वान किया।
संस्थान के निदेशक डॉ. एस. सदीश कुमार ने अतिथियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों का स्वागत एवं अभिनंदन किया। उन्होंने पीसीआई के नए पाठ्यक्रम और फार्मेसी शिक्षा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की बढ़ती भूमिका पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकों और वैज्ञानिक अनुसंधान से जुड़ने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के अंत में मिस साक्षी चौहान ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। उन्होंने आयोजन को सफल बनाने के लिए संस्थान के प्रबंधन, विशेष रूप से वाइस चेयरमैन अर्पित चड्ढा और सभी विशिष्ट अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन मिस मानवी और मनीष कुमार ने किया।
