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अनुशासन, मेहनत और मरीजों के प्रति संवेदनशीलता को बताया सफल चिकित्सक की पहचान
हापुड़। सरस्वती इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एसआईएमएस), हापुड़ में शुक्रवार को एमबीबीएस बैच 2026 के नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए भव्य ओरिएंटेशन एवं स्वागत समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को चिकित्सा शिक्षा, शैक्षणिक अनुशासन, नैतिक मूल्यों और मरीजों के प्रति संवेदनशीलता का महत्व बताया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ वंदे मातरम् के पाठ से हुआ। इसके बाद दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ विद्यार्थियों का स्वागत किया गया। डॉ. कृति वर्ष्णेय ने एमबीबीएस प्रथम वर्ष के पाठ्यक्रम, डॉ. ए. रेवंत कुमार ने संस्थागत नियमों और डॉ. मनीष कुमार मधरे ने छात्रावास संबंधी दिशा-निर्देशों की जानकारी दी।
संस्थान की प्राचार्य डॉ. बरखा गुप्ता ने विद्यार्थियों को नियमित अध्ययन, अनुशासन और समर्पण के साथ चिकित्सा शिक्षा प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि एक सफल चिकित्सक बनने के लिए शैक्षणिक ज्ञान के साथ नैतिक आचरण और मरीजों के प्रति सम्मान की भावना भी आवश्यक है।
सरस्वती ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस की वाइस चेयरपर्सन डॉ. रम्या रामचंद्रन ने कहा कि चिकित्सा शिक्षा का उद्देश्य केवल अच्छे अंक प्राप्त करना नहीं, बल्कि मानव जीवन को बेहतर बनाने के लिए ज्ञान और कौशल अर्जित करना है। उन्होंने विद्यार्थियों से ईमानदारी, विनम्रता और करुणा जैसे मूल्यों को अपनाने का आह्वान किया।
संस्थान के संस्थापक एवं चेयरमैन डॉ. जे. रामचंद्रन ने संदेश भेजकर विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दीं। वहीं, सीनियर एडवाइजर ब्रिगेडियर डॉ. आर.के. सहगल ने अनुशासन और जिम्मेदार व्यवहार तथा मेडिकल सुपरिंटेंडेंट ब्रिगेडियर डॉ. विनीत रस्तोगी ने चिकित्सा पेशे की नैतिक जिम्मेदारियों पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में डायरेक्टर रघुवर दत्त, जनरल मैनेजर एन. वर्धराजन, विभागाध्यक्षों एवं संकाय सदस्यों सहित संस्थान के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। अंत में ब्रिगेडियर डॉ. विनीत रस्तोगी ने धन्यवाद ज्ञापित किया। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
