‘संवाद, संकल्प और सफलता’ की थीम पर होगी पहल, युवाओं को स्टार्टअप, उद्योग मार्गदर्शन और रोजगार के अवसरों से जोड़ने की तैयारी
स्मार्ट विज़न समाचार
गाजियाबाद। प्रदेश के विश्वविद्यालयों में युवाओं को रोजगार, स्वरोजगार और उद्यमिता से जोड़ने की दिशा में यूपी राइज-2026 एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया है। उत्तर प्रदेश सरकार और टाइम्स नेटवर्क की इस पहल को ‘संवाद, संकल्प और सफलता’ की थीम पर आयोजित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को नए व्यावसायिक विचारों को आगे बढ़ाने, स्टार्टअप शुरू करने, उद्योग जगत से जुड़ने और रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित करना है।
इस पहल के माध्यम से विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रखकर उन्हें व्यावहारिक अनुभव और उद्योग जगत की जरूरतों से जोड़ने पर जोर दिया जाएगा। कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थी अपने नए व्यावसायिक विचारों को निवेशकों के सामने प्रस्तुत कर सकेंगे। साथ ही, उन्हें अनुभवी उद्यमियों, स्टार्टअप मार्गदर्शकों और उद्योग विशेषज्ञों से मार्गदर्शन प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।

चार प्रमुख क्षेत्रों पर रहेगा विशेष जोर
यूपी राइज-2026 के तहत कार्यक्रम को चार प्रमुख क्षेत्रों में विभाजित किया गया है। इनमें स्टार्टअप के लिए वित्तीय सहायता, रोजगार के अवसर, मंच पर व्यावसायिक विचारों की प्रस्तुति और विशेषज्ञ मार्गदर्शन शामिल हैं। इन माध्यमों से विद्यार्थियों को अपने विचारों को व्यावहारिक रूप देने, रोजगार की संभावनाएं तलाशने और स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ने में सहायता मिलेगी।
कार्यक्रम के अंतर्गत कंपनियों के भर्ती प्रतिनिधियों को विश्वविद्यालय परिसरों से जोड़ने, इंटर्नशिप अभियान आयोजित करने और करियर विशेषज्ञों के साथ संवाद स्थापित करने पर भी ध्यान दिया जा रहा है। इससे विद्यार्थियों को उद्योग जगत की अपेक्षाओं को समझने और अपने कौशल को रोजगार के अनुरूप विकसित करने का अवसर मिल सकेगा।
पांच लाख रुपये तक के ऋण से उद्यमिता को प्रोत्साहन
इस पहल का एक प्रमुख उद्देश्य युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित करना है। मुख्यमंत्री युवा योजना के अंतर्गत पात्र युवाओं को पांच लाख रुपये तक का बिना गारंटी ऋण उपलब्ध कराने का प्रावधान बताया गया है। इससे विद्यार्थी अपने व्यावसायिक विचारों को आगे बढ़ाने और नए उद्यम की शुरूआत करने की दिशा में प्रयास कर सकेंगे। योजना का लाभ संबंधित पात्रता और निर्धारित नियमों के अनुसार मिलेगा।
विश्वविद्यालय के नेतृत्व का रहा विशेष मार्गदर्शन
विश्वविद्यालय में इस पहल को लाने और विद्यार्थियों तक इसके अवसर पहुंचाने में कुलाधिपति डॉ. अनिल अग्रवाल, उपकुलाधिपति डॉ. अंजुल अग्रवाल, कुलपति प्रो. (डॉ.) डी.के. शर्मा और कुलसचिव प्रो. (डॉ.) विनोद कुमार का विशेष मार्गदर्शन एवं सहयोग रहा है। विश्वविद्यालय नेतृत्व के प्रयासों से विद्यार्थियों के लिए नवाचार, उद्यमिता और रोजगार से जुड़े अवसरों को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है।
वहीं, प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट प्रमुख श्री अंकुर अग्रवाल ने अपने औद्योगिक संपर्कों और सहयोग के माध्यम से इस पहल को विश्वविद्यालय तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके प्रयासों से विद्यार्थियों को उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से जुड़ने, करियर संबंधी मार्गदर्शन प्राप्त करने और रोजगार की संभावनाओं को समझने का अवसर मिलेगा।
