स्मार्ट विजन समाचार
राजेंद्र सैनी (वरिष्ठ पत्रकार)
ग्रामीणों के साथ डीआईजी कार्यालय पहुँच लगाई न्याय की गुहार
फलावदा।क्षेत्र के गांव गगसोना से करीब 40 दिन पूर्व रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हुई युवती का अब तक कोई सुराग नहीं लग सका है। पुलिस की कार्यप्रणाली से क्षुब्ध और बेटी की सुरक्षा को लेकर चिंतित पीड़िता माँ ने ग्रामीणों के साथ बृहस्पतिवार को पुलिस महानिरीक्षक डीआईजी मेरठ रेंज कार्यालय पहुँचकर प्रार्थना पत्र सौंपा है और थाना फलावदा पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए न्याय की गुहार लगाई है।
पीड़िता गगसोना निवासी द्वारा दिए गए प्रार्थना पत्र के अनुसार, गत 7 सितंबर 2026 की रात उनकी पुत्री अपने कमरे से बाहर छत पर सो रही थी। सुबह करीब 6 बजे जब परिजनों की आंख खुली तो पुत्री गायब थी। काफी तलाश और रिश्तेदारों में पूछताछ के बाद भी जब उसका पता नहीं चला, तो परिजनों ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली।
सीसीटीवी फुटेज में युवती अकेले बातनौर मार्ग की ओर जाती हुई दिखाई दी और बाद में लावड़ कस्बे में टाटा मैजिक बस स्टैंड पर नजर आई, जिसके बाद वह संदिग्ध परिस्थितियों में गायब हो गई।
पीड़िता माँ का आरोप है कि घटना के दिन ही थाना फलावदा में लिखित तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया गया था और कई मोबाइल नंबरों को सर्विलांस पर लगाने की मांग की गई थी। आरोप है कि पुलिस ने मुजफ्फरनगर के भोपा जिला निवासी संदिग्ध युवक गौरव पुत्र विजय पाल को हिरासत में लिया, लेकिन महज दो दिन बाद ही उसे छोड़ दिया और पीड़िता की तहरीर बदलकर मामले में हल्की धाराएं लगा दीं।
घटना को 40 दिन से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन फलावदा पुलिस अब तक युवती को बरामद करने में पूरी तरह नाकाम रही है। उच्च अधिकारियों को बार-बार प्रार्थना पत्र देने के बावजूद कोई ठोस सुराग नहीं मिल पाया है। पीड़िता कहना है कि उसकी बेटी के साथ कोई अप्रिय घटना या अनहोनी न हो जाए, इसका डर रात-दिन सता रहा है। थाने के चक्कर काट-काटकर वह बीमार हो चुकी हूँ, लेकिन पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही।”
थक-हारकर पीड़िता मां ने ग्रामीणों के साथ बृहस्पतिवार को मेरठ रेंज के आईजी कार्यालय में उपस्थित होकर निष्पक्ष जांच और स्थानीय फलावदा पुलिस को सख्त आदेश देकर पुत्री की जल्द से जल्द सकुशल बरामदगी की मांग की है।
