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आखिरी मंगला गौरी व्रत: पर ऐसे करें पूजा, मिलेगा अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद

मंगला गौरी व्रत सावन महीने के हर मंगलवार को रखा जाता है। यह तिथि माता पार्वती को समर्पित मानी जाती है। मान्यता है कि, महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और प्रेम जीवन की खुशहाली के लिए यह व्रत रखती...

मंगला गौरी व्रत सावन महीने के हर मंगलवार को रखा जाता है। यह तिथि माता पार्वती को समर्पित मानी जाती है। मान्यता है कि, महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और प्रेम जीवन की खुशहाली के लिए यह व्रत रखती हैं। धार्मिक ग्रंथों में इस उपवास को दांपत्य जीवन में प्रेम और विश्वास बढ़ाने वाला भी माना जाता है। साथ ही ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इस व्रत के प्रभाव से मंगल दोष से राहत मिलने की भी मान्यता है।

ऐसे में सावन के आखिरी मंगलवार को पूरे विधि-विधान से पूजा करने से व्रत का पूर्ण फल प्राप्त हो सकता है। आइए इसके महत्व और पूजन विधि के बारे में जानते हैं। वर्ष 2026 में सावन मास का चौथा और आखिरी मंगला गौरी व्रत 25 अगस्त 2026 को रखा जाएगा। इस दिन उत्तराषाढा नक्षत्र बन रहा है और आयुष्मान का संयोग भी पूजा के लिए भक्तों को प्राप्त हो रहा है। ऐसे में पूजा करना और भी लाभकारी हो सकता है। 

Preeti (Editor)

Author at स्मार्ट विजन समाचार

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